बरेली। बैंक प्रबंधक के रिश्वतखोरी के मामले में धाराएं हल्की करने के आरोप में सीओ आंवला पर भी जांच बैठ गई है। आईजी ने एसपी सिटी को उनके खिलाफ मामले की जांच सौंपी है।
किसान जगदीश चंद्र शर्मा को पशुपालन के लिए प्रधानमंत्री डेयरी योजना के तहत भैंस खरीदने का लोन दिलाने के बदले घूसखोरी की गई थी। पत्रावली स्वीकृत करने के लिए निजी बैंक के रीजनल मैनेजर अमित मिश्रा ने उनसे 65 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। आरोप है कि मैनेजर हेलमेट लगाकर उनके घर रिश्वत की रकम लेने गए थे। मामले में पहले सीओ आंवला नीलेश मिश्रा ने आरोपी अमित मिश्रा को क्लीनचिट दे दी। बाद में पीड़ित ने डीजीपी से शिकायत की। तब आंवला थाने में रिपोर्ट लिखी गई तो धाराएं हल्की कर दीं। इस मामले में सीओ आंवला और इंस्पेक्टर की भूमिका सवालों में है। आईजी ने एसपी सिटी को इनकी भूमिका की जांच सौंपी है।