पुलिस अधिकारियों ने जताई आज डिटेल मिलने की संभावना
बरेली। टेरर फंडिंग में प्रयोग किए गए तीनों नंबरों की डिटेल बृहस्पतिवार को मिलने की संभावना है, जिसके बाद आरोपियों की धरपकड़ शुरू होगी। आरपीएफ ने तीनों नंबर कैफे के होने की आशंका जताई है। दूसरी ओर इज्जतनगर रेल मंडल की आरपीएफ विजीलेंस ने एक साल में पर्सनल आईडी पर ई-टिकट बेचने वाले 30 कंप्यूटर कैफे पर कार्रवाई करते हुए 36 दलालों को जेल भेजने की डिटेल भी रेलवे बोर्ड को भेज दी है। आरपीएफ के जंक्शन थाने में दर्ज टेरर फंडिंग में तीन मुकदमों के मोबाइल नंबर एयरटेल कंपनी के हैं। आरपीएफ ने तीनों नंबरों की डिटेल कंपनी से मांगी है। वहीं टेरर फंडिंग के मामले में शहर का नाम आने पर कैफे संचालक भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। यहां बता दें कि 2019 में इज्जतनगर मंडल की आरपीएफ की सीआईबी (क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच) ने लालकुआं, काशीपुर, हल्द्वानी, बदायूं, कन्नौज, कासगंज आदि शहरों में पर्सनल आईडी पर ई-टिकट की दलाली करने के आरोप में 30 कैफे संचालकों पर कार्रवाई करते हुए 36 आरोपियों को जेल भेजा था। आरोपियों से करीब ढाई लाख रुपये के 222 ई-टिकटों को भी बरामद किया था। ई-टिकटों की कालाबाजारी में इज्जतनगर मंडल के कर्मचारी भी शामिल थे। उस समय एसआईबी ने काशीपुर स्टेशन के टिकट क्लर्क, उझानी रिजर्वेशन आफिस के क्लर्क और बनवसा के स्टेशन मास्टर को गिरफ्तार किया था।
‘बृहस्पतिवार को तीनों नंबरों की डिटेल मिलने की संभावना है, जिसके बाद ही आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।’
- विपिन सिसौदिया, आरपीएफ इंस्पेक्टर, बरेली जंक्शन