फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर से 278 KM दूर चार दोस्तों की मौत: काम की तलाश में गए थे दिल्ली; कमरे में मृत मिले चारों एसी मैकेनिक

Sat, 05 Jul 2025 09:31 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके में उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले चार दोस्तों की लाशें बरामद हुईं। ये सभी एसी मैकैनिक थे। दिल्ली में काम कर रहे थे। शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली और टीम घटना की जांच के लिए पहुंची। चारों की मौत से दो गांवों में मातम पसर गया है।
विज्ञापन
बरेली के रहने वाले थे चारों मृतक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली के आंबेडकर नगर स्थित दक्षिणपुरी में शनिवार सुबह एक बड़े हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। कमरे में सोए चार एसी मैकेनिकों की संदिग्ध हालत में जान चली गई। आशंका व्यक्ति की जा रही है कि गैस की चपेट में आकर दम घुटने से मौत हुई। पुलिस ने सभी के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ये चारों उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले थे। चारों की मौत से परिवार में मातम पसर गया है।

विज्ञापन


दिल्ली में मरने वाले चार एसी मैकेनिक थे दोस्त
दिल्ली में काम करने गए सीबीगंज के चार एसी मैकेनिक दोस्तों की हुई मौत के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया। सीबीगंज के गांव सनैया रानी हसीब पुत्र नसीर अहमद दो भाई बहन थे। पिता और मां की पहले ही मौत हो चुकी थी। दोनों भाई बहन अपनी नानी के यहां बंडिया में रहते थे। उनकी नानी ने ही दोनों को पाला था। अब हसीब की मौत के बाद उसकी बहन ही अकेली रह गई।

वहीं मोहसिन (22) पुत्र बशीर अहमद निवासी बंडिया के पिता रेलवे से रिटायर्ड है। मां किशबरी हैं। मृतक दो भाई बहन थे। सनैयारानी मेवाकुवर निवासी इमरान (25) पुत्र बाबू खां नौ भाई और एक बहन है। सबसे बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। कपिल उर्फ अंकित रस्तोगी (17) पुत्र स्व महेश रस्तोगी दो भाई थे। दोनों भाइयों में अंकित छोटा था। मां का नाम पूनम है। चारों आपस में दोस्त थे। रोजगार की तलाश में चारों दोस्त दिल्ली गए थे। 
विज्ञापन


15 दिन पहले छुट्टी पर आए थे चारों
चारों दोस्त एसी रिपेयर का काम करते थे। वह एसी मैकेनिक थे। घटना की सूचना जैसे ही मृतकों के परिवार को मिली। परिवार में कोहराम मच गया। दोनों गांवों में सन्नाटा छा गया। पंद्रह दिन पूर्व दिल्ली से छुट्टी पर आए थे और सप्ताह भर पूर्व ही दिल्ली काम करने गए थे। उनके परिवार वालों को क्या पता था कि चारों अब दोबारा अपने घर नहीं लौटेंगे।

ये भी पढ़ें: 'मॉल में होंगी दो और लाश': करोल बाग अग्निकांड में नया दावा, UPSC छात्र समेत दो की मौत; एक को पहचानना मुश्किल


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें