शब्बो की बड़ी बहन का था देवर, आठ साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे आलम और शब्बो
बरेली। प्रीत पैलेस होटल में हुई युवती फरजाना उर्फ शब्बो की हत्या के पीछे रिश्तेदारी व प्रेम संबंधों में खटास की कहानी सामने आ रही है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आलम कुरैशी और शब्बो एक-दूसरे के रिश्तेदार और नजदीकी संबंधों में थे। शादी का रिश्ता भी तय हुआ था, लेकिन आलम का आपराधिक इतिहास पता चलने के बाद शब्बो का परिवार निकाह करने से पीछे हट गया, जिसका खामियाजा शब्बो की हत्या के रूप में सामने आया।
आजमनगर निवासी आलम कुरैशी के तहेरे भाई की डेढ़ साल पहले मौत हो चुकी है। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक उनकी पत्नी हिना आलम के ही घर में नीचे के हिस्से में रहती हैं। हिना शब्बो की सगी बड़ी बहन हैं। करीब दस साल पहले उनका निकाह हुआ था। इस लिहाज से शब्बो और आलम का परिवार एक-दूसरे के सगे रिश्तेदार हैं। इसी दौरान आने-जाने में करीब आठ साल से आलम और शब्बो एक-दूसरे के संपर्क में थे। कुछ साल पहले दोनों की नजदीकी की बात परिजनों को पता लगी तो इनके रिश्ते की भी बात तय हो गई। इसके बाद दोनों की नजदीकी और बढ़ गई।
बताते हैं कि आलम कुछ समय से निकाह को लेकर ज्यादा दबाव बना रहा था। इससे पहले शब्बो के घरवालों को उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी हो गई। पता लगा कि आलम कई साल नौकरी के सिलसिले में मुंबई में रहा था। वहां दो हत्याओं में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके साथ ही अंबेडकर नगर में भी उसके खिलाफ दुष्कर्म, छेड़खानी जैसे मुकदमे दर्ज हैं। वह शराब पीता है और झगड़ालू प्रवत्ति का भी है। इसलिए शब्बो के घरवाले निकाह की बात से पीछे हट गए। कुछ दिनों से आलम उन्हें धमका रहा था कि शब्बो से उसका निकाह नहीं किया तो वह लोग इसका अंजाम भुगतेंगे। शब्बो का परिवार उसकी धमकी से सहमा हुआ था।
शाही थाने में अपहरण की रिपोर्ट कराई
शाही। फरजाना उर्फ शब्बो की मां ने अपनी बेटी शब्बो (30) के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। शाही थाने में मामला दर्ज कराते हुए आलम को आरोपी बनाया गया है। परिवार के मुताबिक सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे बेटी मीना बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी, फिर वह नहीं लौटी। उन लोगों को पता लगा कि आलम ही उनकी बेटी को ले गया है। इस लिहाज से आगे की कार्रवाई शाही थाने से ही पूरी की जाएगी। कोतवाली पुलिस अपने यहां होटल में शव की बरामदगी और जीआरपी आलम के शव की बरामदगी की कार्रवाई कर रही हैं। अमर उजाला ब्यूरो