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बरेली में पांच मौतों का मामला: पुलिस ने मृतक अजय के साढ़ू से कई घंटे तक की पूछताछ, बयानों में विरोधाभास

Sat, 03 Feb 2024 03:33 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

फरदीपुर के मोहल्ला फर्रखपुर में 27 जनवरी की रात बंद कमरे में दंपती और उनके तीन बच्चों की जलकर मौत हो गई थी। जिस कमरे में परिवार सो रहा था, उसमें आग कैसे लगी, यह अब तक रहस्य बना हुआ है। पुलिस की जांच जारी है। 

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दंपती और बच्चों के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के मोहल्ला फर्रखपुर में बंद कमरे में पांच लोगों की जलकर मौत होने के मामले में पुलिस ने मृतक अजय के साढ़ू सोनू को थाने बुलाकर कई घंटे तक पूछताछ की। अब तक पुलिस ने अजय के पिता सुरेश बाबू, राजेंद्र और सोनू के बयान दर्ज किए हैं, जो आपस में मेल नहीं खा रहे। इससे गुत्थी और उलझ गई है। सोनू ने बताया कि जब वह अजय के मकान पर पहुंचे तो उसका छोटा भाई राजेंद्र वहां मौजूद था। उस वक्त मकान में मोहल्ले का कोई व्यक्ति नहीं था। 

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अजय के घर में तीन मोबाइल फोन थे। इसमें एक अजय का व एक उसकी पत्नी अनीता का था। अजय ने घटना से 20 दिन पहले एक स्मार्टफोन और लिया था। अजय के परिजन एवं ससुरालवाले अनीता का दूसरा नंबर होने की बात से इनकार कर रहे हैं। अजय के साढ़ू सोनू ने भी अनीता का दूसरा नंबर होने से इनकार किया। अनीता का अगर दूसरा नंबर नहीं था तो घटना वाली रात 11 बजे तक किस नंबर से अनीता ने अपनी बुआ से बात की थी। 

अनीता की बड़ी बहन व उसके परिजनों की बातें विरोधाभासी हैं। पुलिस का मानना है कि अनीता के ससुराल वाले व परिजन घटना के बारे में कुछ ऐसा जानते हैं जिसे वह बताना नहीं चाहते हैं।

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यह थी घटना
फरदीपुर में 27 जनवरी की रात मोहल्ला फर्रखपुर निवासी अजय गुप्ता, उनकी पत्नी अनीता, बेटा दिव्यांश, दक्ष व बेटी दिव्यांका की बंद कमरे में जलकर मौत हो गई थी। अजय परिवार के साथ किराये के मकान में रहते थे। अजय के पिता सुरेश बाबू गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कमरे में आग कैसे लगी, यह रहस्य बना हुआ है। 
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रिक्रिएशन के लिए लखनऊ भेजी रिपोर्ट
पुलिस ने शुक्रवार को क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए लखनऊ स्थित लैब को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट पहुंचने के बाद वहां से प्रदेश के अन्य जनपदों से एक टीम गठित की जाएगी जो फरीदपुर पहुंचकर घटना को दोहराएगी। किस तरह घटना हुई? क्या कमरे के अंदर से ताला बंद किया जा सकता है? कमरे में कई खिड़कियां और रोशनदान होने के बाद भी धुआं कैसे भरा और कमरे में ऑक्सीजन कम कैसे हुई? इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे।

एसपी देहात मुकेश मिश्रा ने बताया कि घटना का रिक्रिएशन कराने की तैयारी की जा रही है। इससे सभी संभावनाओं को समझा जाएगा जिससे पुलिस की विवेचना में तथ्य मजबूत हो सकें। 
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