पिता की तबीयत खराब होने के बाद स्कूल बना सहारा
- फोटो : पिता की तबीयत खराब होने के बाद स्कूल बना सहारा
बहेड़ी के कनमन गांव की रहने वाली रुचि चौधरी के पिता डॉ. करतार सिंह को दो साल पहले ब्रेन हैमरेज हो गया। मां ब्रजवाला चौधरी हाउस वाइफ हैं। रुचि का सपना डॉॅक्टर बनना है पर पिता की तबीयत खराब होने के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो गई। दो छोटे भाई बहन है। रुचि के सपनेे में आर्थिक चुनौतियां आड़े आने लगीं। मुश्किल दौर में सहारा बना सेक्रेड हार्ट्स स्कूल, रुचि की फीस माफ कर दी, पढ़ाई में पूरा सपोर्ट किया। पढ़ने लिखने में अच्छी रुचि को हॉस्टल का भी सहारा मिला। मुश्किल वक्त में रुचि ने अपने आत्मविश्वास को कभी कमजोर नहीं होने दिया। मां ने हमेशा बेटी का मनोबल बढ़ाया। रविवार को घोषित सीबीएसई बारहवीं के परिणाम में रुचि के 91 फीसदी अंक आए। केमिस्ट्री में 95, फिजिक्स में 91 अंक हासिल किए। बात करते वक्त रुचि की आंखे नम हो गईं, पिता का सपना साकार करने को रुचि ने कदम बढ़ाया है। घर सूचना दी तो सब खुशी से उछल पड़े। स्कूल की निदेशिका राधा सिंह कहती है कि रुचि पढ़ने में अच्छी है। स्कूल की तरफ से हर सुविधा उपलब्ध कराई गई।