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Bareilly News: पुलिसवालों को राहत के बाद 22 पर चार्जशीट

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बरेली। गांव परसोना में युवक की हादसे में मौत के मामले को हत्या बताकर पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले 22 लोगों पर कैंट थाना पुलिस ने चार्जशीट लगाई है। इनमें मृतक के पिता और परिजनों से लेकर गांव का प्रधान तक शामिल है। पुलिसवालों के खिलाफ दर्ज मामले में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) के चार दिन बाद ही 28 अगस्त को यह चार्जशीट दायर की गई है।
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17 अप्रैल की रात बिथरी थाने के गांव परसोना के युवक अरकान की कैंट थाना क्षेत्र में बिलाल मस्जिद के पास मौत हो गई थी। वह मारिया फ्रोजन फैक्टरी से भुगतान लेकर लौट रहा था। यहां गश्त कर रहे बिथरी थाने के पुलिसकर्मी उसे हिला-डुलाकर देख रहे थे, तभी उसके मोबाइल फोन पर कॉल आने लगी। सिपाही विनीत कर्नवाल ने कॉल रिसीव किया। दूसरी ओर से अरकान के पिता पप्पू कुरैशी बोल रहे थे। विनीत ने मौके का हाल बताया तो थोड़ी ही देर में गांव के और लोग आ गए।

पुलिस का कहना था कि बाइक किसी वाहन से टकराने से अरकान की जान गई है, पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे दौड़ाकर हत्या कर दी है। इस पर ग्रामीणों ने भी पुलिस वालों को दौड़ाकर पीटा। बिथरी की टीपीनगर चौकी के प्रभारी रहे धर्मेंद्र सिंह समेत चार पुलिसवालों को गंभीर चोट आईं। तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी रात में मौके पर पहुंचे और सुबह गांव के प्रधान मेराजुद्दीन उर्फ बबलू, प्रधान का भाई हाजी गुड्डू, बेटा समेत कई लोगों को नामजद कर दरोगा धर्मेंद्र सिंह ने हत्या की कोशिश और बलवा की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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कैंट थाना के इंस्पेक्टर क्राइम विजय बहादुर सिंह मामले की विवेचना कर रहे थे। उन्होंने आरोप सही पाते हुए नामजद और वीडियो से प्रकाश में आए ग्रामीणों समेत 22 लोगों पर गंभीर धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी। प्रधान समेत कई आरोपी गिरफ्तारी पर स्टे ले आए हैं, जबकि आठ लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है।


कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे में लगाई एफआर
प्रधान समेत दूसरे लोगों के फंसने पर अरकान के पिता पप्पू कुरैशी ने पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की। सफल न होने पर कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर 17 अगस्त को कैंट थाने में बिथरी थाना प्रभारी अश्विनी कुमार, दरोगा धर्मेंद्र सिंह समेत पांच पुलिसकर्मी और होमगार्ड के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी जांच भी इंस्पेक्टर क्राइम विजय बहादुर सिंह को मिली और उन्होंने एक सप्ताह में ही 24 अगस्त को मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी। तर्क दिया कि पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी पक्ष खुद को बचाने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है। मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसमें मौत की वजह हादसे से लगी चोटें पाई गई थीं। लिखा कि हादसे को हत्या का रूप देने का प्रयास किया गया, जो साक्ष्य के अभाव में सफल नहीं हो सका। इस एफआर के चार दिन बाद उन्होंने 22 लोगों पर चार्जशीट लगा दी।
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