बरेली। बायो गैस प्लांट में रिसाव होने से कर्मचारी की मौत के मामले में डीएम की ओर से गठित टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम ने प्रबंधन से रिकॉर्ड तलब किया है। वहीं, घायल इंजीनियर प्रिंस की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। बृहस्पतिवार को उन्हें आईसीयू से दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया है। पैर में फ्रैक्चर की वजह से आसिफ आराम कर रहा है। अन्य घायलों को अस्पताल से घर भेज दिया गया है।
बिथरी थाना क्षेत्र के भोजपुर रामनाथ गांव में निर्माणाधीन बायो गैस प्लांट में मंगलवार रात गैस का रिसाव हो रहा था। वॉल्व ठीक करने गए ऑपरेटर रिशू की गैस की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इंजीनियर सहित चार अन्य लोग बेहोश हो गए थे। घबराहट में आसिफ उर्फ आरिफ छत से कूद गया था, जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई थी।
बृहस्पतिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने प्लांट का मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी रोहित सिंह का कहना है कि प्लांट के ट्रायल के लिए हमारे विभाग ने अनुमति दी थी, घटना की जानकारी पर निरीक्षण किया तो पता लगा कि प्लांट का फिलहाल संचालन नहीं हो रहा है। वहां ट्रायल ही चल रहा था जिसके दौरान घटना हुई थी। विस्तृत रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी जाएगी। इसके अलावा डीएम की कमेटी ने भी इसकी जांच के लिए प्रबंधन से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है।