बरेली। अदालत में गलत जानकारी देने पर शीशगढ़ थाने के पैरोकार को हटा दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि उन्होंने दुष्कर्म केआरोपी नहीं बल्कि गवाह के न आने की बात कही थी। अदालत में पैरोकार इस बात का ठीक से समझा नहीं सका।
शीशगढ़ थाने में बीते साल दुष्कर्म की रिपोर्ट श्रवण कुमार व एक अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थी। दोनों आरोपी जेल में हैं। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई थी। थाने के पैरोकार ने इस मामले में आरोपी के वारंट जारी करने की बात अदालत में कही। अदालत ने जब फाइल देखी तो पता चला कि दोनों आरोपी जेल में हैं। अदालत यह जानकार हैरान रह गई कि प्रभारी निरीक्षक को ही नहीं पता कि आरोपी जेल में हैं। अदालत ने प्रभारी निरीक्षक का जवाब तलब करते हुए एसएसपी को पत्र लिख दिया। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि वह खुद मुकदमे की विवेचना कर रहे हैं। मुकदमा गवाही में चल रहा है। एक गवाह नहीं आ रहा। उन्होंने पैरोकार से गवाह के वारंट कराने की बात कही थी। अदालत में जो पैरोकारी करता है, वह सिपाही अवकाश पर गया हुआ है। उसकी जगह दूसरा पैरोकार निकुंज को मुकदमे की ज्यादा जानकारी नहीं थी। इसलिए अदालत को ठीक जानकारी नहीं दे सका। पैरोकार को हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अदालत को सही तथ्यों से अवगत करा दिया जाएगा। संवाद