सवाल : किसी मिशन पर शुरुआती चर्चा से सफलता तक कितना समय लगता है, उस अवधि में धैर्य की क्या भूमिका होती है?
जवाब : किसी मिशन को चर्चा से सफलता तक ले जाने में 12-15 वर्ष लगते हैं। इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति व अपार धैर्य वाली टीम की जरूरत होती है। छोटी-छोटी असफलताओं से हर दिन सीखना होता है। यही सीख एक साधारण से विचार को महान मिशन में बदलने में अहम भूमिका निभाती है।
सवाल : चंद्रयान-3 की सफलता और आदित्य एल-1 की लॉन्चिंग का आम जनमानस पर क्या प्रभाव देखते हैं?
जवाब : चंद्रयान-3 की सफलता के दौरान देशवासियों में जो खुशी दिखी, ऐसा पहले कभी नहीं देखा। यह दिखाता है कि इसरो के अभियानों की सफलता से आमजन में विज्ञान और नवाचारों के प्रति नई चेतना का विकास हो रहा है। युवा, विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में संभावनाएं देख रहे हैं। यह आने वाले समय में देश के लिए बड़ी सफलता का द्योतक है।
सवाल : अंतरिक्ष मिशन की सफलता का अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव होगा?
जवाब : अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह सकता। इसरो जनकल्याण की भावना से काम कर रहा है। अभियानों की सफलता, भविष्य में देश की आर्थिक समृद्धि की वजह बनेगी। यह देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।