इस तरह से जुड़ी कड़ी से कड़ी
हाईवे के चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण करते समय मूल्यांकन में फर्जीवाड़ा हुआ। भ्रष्टाचार के लिए कड़ी से कड़ी तब जुड़ी जब सरकारी, गैरसरकारी कर्मचारी-अधिकारी व मुनाफाखोरों के नेटवर्क आपस में मिल गए।
निजी कंसलटेंट कंपनी नियुक्त होने के साथ शुरुआत दिल्ली से हुई। एलाइनमेंट से लेकर भूमिवार सर्वे और मूल्यांकन तक का काम निजी कंसलटेंट कंपनी के पास होता है। कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी मुआवजा वितरण से लेकर एनएचएआई को कब्जा दिलाने तक की प्रक्रिया में शामिल रहते हैं।
जांच एवं कार्रवाई के घेरे में आई निजी कंपनी
सर्वे और मूल्यांकन को लेकर फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद एनएचएआई के परियोजना निदेशक प्रशांत दुबे ने निजी कंसलटेंसी कंपनी के बारे में अब एनएचएआई मुख्यालय को अवगत कराया है। इसमें एक दो दिन में कार्रवाई होने के आसार हैं।