बरेली। दो ग्राम पंचायत सचिवों ने अपने सेवाकाल में सरकारी धन के खर्चे का हिसाब नहीं दिया। ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता सामने आने पर जांच-पड़ताल के बाद अब वसूली का आदेश जारी हुआ है। दोनों ग्राम पंचायत सचिव सेवानिवृत्ति हो चुके हैं।
बहेड़ी ब्लाॅक की करीमगंज और फरीदपुर की ग्राम पंचायतों के वर्ष 20215-16 में ऑडिट में हिसाब नहीं मिलने पर इसे गबन माना गया। इसकी आधी धनराशि पंचायत सचिव व आधी धनराशि प्रधानों से वसूल की जाएगी। डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि सेवानिवृत्त सचिवों को नोटिस भेजा गया है। एक सप्ताह में रकम जमा नहीं की तो भू-राजस्व की तरह वसूली की जाएगी।
करीमगंज में 3.59 लाख, कादरगंज में 2.73 लाख का था गबन
बहेड़ी की ग्राम पंचायत करीमगंज में ऑडिट टीम ने 3,59,400 रुपये का गबन पाया था। इसमें प्रधान और सचिव की जिम्मेदारी तय की गई। ग्राम पंचायत में तैनात रहे (अब सेवानिवृत्त) सचिव मजहर अली को गबन की आधी धनराशि 1,79,700 रुपये एक सप्ताह में ग्राम पंचायत के खाते में जमा करने के आदेश दिए हैं।
विकास खंड फरीदपुर की ग्राम पंचायत कादरगंज में सुरेश बाबू सक्सेना सचिव थे। सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2015-16 में टीम को 2,73,500 रुपये का गबन मिला था। इसकी आधी धनराशि 1,36,750 रुपये एक सप्ताह में जमा करने का आदेश सुरेश बाबू को दिए हैं।