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Bareilly News: राशन में आधार का पेच, संशोधन के लिए लग रही कतार

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प्रधान डाकघर पर सुबह से ही आधार कार्ड के लिए शुरू हो जाती है मारामारी, रोजाना बांटे जा रहे सिर्फ 150 फाॅर्म
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बरेली। आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश में भी लाइन लगाकर लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। राशन कार्ड के लिए आधार कार्ड में संशोधन कराने और बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के लिए सुबह से शाम तक परेशानी उठानी पड़ रही है। बुधवार को कैंट स्थित प्रधान डाकघर पर सुबह से ही इसके लिए लंबी कतारें लग रहीं। डाकघर खुलते ही धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
प्रधान डाकघर में टोकन फॉर्म लेने के बाद लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद उनको डेढ़ से दो माह बाद की तारीख दे दी जाती है। कैंट स्थित प्रधान डाकघर में दो शिफ्टों में कार्ड बनवाने व अपडेट कराने की योजना लागू की गई थी। इसके बाद भी भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। डाकघर में रोजाना दोनों ही शिफ्टों के लिए 150 फाॅर्म बांटे जा रहे हैं। शहर में कुल 30 सेंटर बनाए गए है, जहां रोज 1,000 लोगों के आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। बुधवार को पहली शिफ्ट में 98 लोगों ने अपने कार्ड बनवाएं व अपडेट कराएं। अधिकारियों के अनुसार अन्य सेंटरों पर रोजाना 40 कार्ड बनाने व अपडेट करने का लक्ष्य है, लेकिन कई केंद्रों पर लोगों के न पहुंचने पर इनकी संख्या आधी भी नहीं होती है।
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दो शिफ्टों की नई योजना अभी लागू की गई है। अभी हम रोजाना दोनों शिफ्टों में 150 के करीब आधार कार्ड बना रहे है, लोगों की सहायता के लिए ही सुबह सात बजे से काम शुरू कर दिया जाता है। - सुमनेश कुमार, एसआरपीएम, प्रधान डाकघर
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सुबह लाइन में लगा तो तीन बजे के बाद आधार कार्ड बन सका
बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए सुबह 9 बजे से लाइन में लगा हुआ हूं। टोकन फॉर्म तो मिल गया, लेकिन लोगों की संख्या अधिक होने के कारण दोपहर तीन बजे के बाद आधार कार्ड बन सका। - लाली , पालपुर कमालपुर
फाॅर्म बांटकर तो विभाग ने अच्छा काम किया है, लेकिन अभी भी कुछ लोग लाइन तोड़ते हुए आगे बढ़ जाते है और सारी व्यवस्था खराब हो जाती है। इसी कारण सुबह 7 बजे से लाइन में लगे-लगे एक बज गया। -राजीव, संजय नगर
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घर का कामकाज छोड़कर बेटी का आधार कार्ड अपडेट कराने आई थी। काम जल्दी हो जाएगा। यह सोचकर सुबह 7 बजे आ गई थी, लेकिन 12 बजे के बाद ही बेटी का आधार कार्ड अपडेट हो सका। - नीलम, क्यारा
संवाद
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