बरेली। साहूकारा निवासी स्टेशनरी व्यापारी ज्योति स्वरूप अग्रवाल की बेटी पलक अग्रवाल को परीक्षा से बीस दिन पहले ओडीएस (मानसिक बीमारी) हो गई थी। बीबीएल की छात्रा पलक ने बताया कि उन्हें खाने-पीने से लेकर हर ओर गंदगी का अहसास होता था। लगता था कि वह गंदगी में पड़ी हाें। पढ़ाई में आत्मविश्वास खत्म हो गया। उन्हें कोई भी बात हो, उसे विस्तार में बात करने की जरूरत होती थी। ऐसे में दवाई के साथ ही मां अग्रवाल उनका सहारा बनीं। वह धैर्यपूर्वक उनकी हर बात को सुनती थीं। प्रिंसिपल दीपक अग्रवाल ने बताया कि हर छोटी बात के लिए पलक उनके पास पहुंच जाती थी। ऐसे में उनके समेत सारे शिक्षक धैर्य से उसकी बात सुनकर संतुष्ट करते थे। भौतिक विज्ञान के पेपर एक दिन पहले भी उसकी समस्या बढ़ गई। ऐसे में तमाम मुश्किलों के बीच पलक ने परीक्षा दी और 80 प्रतिशत अंक हासिल किए। कंप्यूटर में उसे 96 प्रतिशत अंक मिले हैं।