उधार की रकम लौटाने को कहने पर पेंटर की हत्या करने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ने दो अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
घटना की रिपोर्ट फरीदपुर के मोहल्ला कानून गोयान निवासी अकरम ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उसने कहा कि 19 फरवरी, 2014 को अपरान्ह तीन बजे उसके छोटे भाई ताजीम अली पेंटर को कस्बे के ही मोहल्ला बकसरिया का दीपक और उसका दोस्त महेंद्र घर से किसी काम के बहाने बुलाकर ले गए। बहगुल नदी से आगे जाकर दीपक ने बाइक रोक ली और महेंद्र ने ताजीम को गोली मार दी। इसी दौरान उधर से ट्रैक्टर लेकर गुजरे मोहम्मद हनीफ और रियासत ने घटना होते देखी तो दौड़ाकर दीपक को पकड़ लिया। यह लोग गंभीर रूप से घायल पेंटर और दीपक को लेकर थाने पहुंचे। खबर मिलने पर अकरम भी पहुंच गए लेकिन तब तक पेंटर की मौत हो गई। अकरम ने पुलिस को जानकारी दी कि करीब छह माह दीपक ने पेंटर से 15 दिन में लौटाने के वादे पर 15 हजार रुपये उधार लिए थे। पेंटर ने एक महीने बाद दीपक से रुपये लौटाने को कहा तो दोनों में कहासुनी हो गई। दीपक इसे लेकर पेंटर से रंजिश मानने लगा। अभियोजन की ओर से मोहम्मद अकरम, मोहम्मद असलम और रियासत समेत कुल 10 गवाह पेश किए गए। अदालत ने अभियुक्त दीपक और महेंद्र को पेंटर की हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।