अमर उजाला की 18 अप्रैल 1948 को आगरा से शुरू हुई, यात्रा यदि 75 वर्षों से अनवरत चल रही है तो इसके पीछे हमारी सुधि पाठकों का भरोसा मुख्य शक्ति रहा। सही मायने में पाठक ही हमारे नायक हैं। आज का आवरण हमारे इन्हीं नायकों के नाम... इसे आप पाठकों की तस्वीरों से ही बनाया गया है। अमर उजाला परिवार आपका हृदय से अभिनंदन करता है।
कोई भी जीवंत समाज अपने नायकों से ही प्रेरणा पाता है। ये नायक कई बार अतीत तो कई बार वर्तमान से होते हैं। हालांकि इनका समाज के बीच से होना निर्विवाद होता है। हमारे सुधी पाठकों ने अपने-अपने क्षेत्र की ऐसी ही कुछ शख्सियतों से हमें परिचित कराया, जिन्होंने अपने कार्यों से स्वयं को नायक कहलाने का हक पाया। पाठकों के सुझावों के आधार पर आपके क्षेत्र के नायक.....