बदायूं। सांसद धर्मेन्द्र यादव ने बुुधवार को संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन सामान्य वर्ग के आरक्षण के बिल संशोधन पर भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह बिल संशोधन जिस तरीके से, जिस समय पर व जिस नीयत से लाया गया है उस पर एक गम्भीर सवाल खड़ा होता है। पांच हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद केंद्र सरकार अब तक जातीय जनगणना नही करा पाई है, जिसकी मांग समाजवादी पार्टी पिछले काफी समय से करती आ रही है। सत्यता ये है कि पिछड़े वर्ग की आबादी 65 प्रतिशत होने के कारण भाजपा सरकार उसको सार्वजनिक करने से डर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ये मांग करती है कि सामान्य, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक आदि सभी वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में सौ फीसदी आरक्षण दिया जाए। सांसद ने यह भी कहा कि भाजपा के पांच साल की बहुमत की सरकार में अब चुनाव के समय ये बिल संशोधन लाया गया है उससे केंद्र सरकार की नीयत पर संदेह होता है। देश की जनता भी यह समझ चुकी है। ब्यूरो