जिला अस्पताल के गुंबद वाले हिस्से के आइसोलेटेड वार्ड में भर्ती महिला मरीज अर्पिता को अल्ट्रासाउंड के लिए व्हील चेयर या स्ट्रेचर नहीं दी गई तो वह हाथ में ग्लूकोज की बोतल थामे खुद ही पैदल चलकर सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता के ऑफिस में पहुंच गई। इसी बोतल से उसके एक हाथ में वीवो की मदद से ग्लूकोज चढ़ रहा था। बीमार और बुरी तरह कमजोर महिला को इस दशा में अपने ऑफिस में देखकर सीएमएस भड़क गए। उन्होंने आइसोलेटेड वार्ड में तैनात नर्स को बुलाकर पूछा कि मरीज को व्हील चेयर या स्ट्रेचर क्यों नहीं दी गई। नर्स को डांट लगाने के बाद सीएमएस ने तत्काल व्हील चेयर मंगाकर महिला को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा। अर्पिता को पेट की बीमारी है। बता दें कि इससे पहले जिला अस्पताल के एक वार्ड में बेड में आग लगने से एक मरीज की मौत हो चुकी है। एक नर्स के मरीज को प्राइवेट अस्पताल में भी भेजने का मामला पकड़ा गया था। इस पर सीएमएस ने तीन नर्सों की ड्यूटी बदल दी थी। सोमवार को इस घटना के बाद उन्होंने फिर मीटिंग बुलाकर नर्सों को मरीजों से अच्छा व्यवहार करने के लिए कहा। हालांकि इसके बाद भी नर्सों ने उनके डांटने पर आपत्ति जाहिर की।