बरेली। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य महकमे की ओर से जनपद में चलाई जा रही मुहिम का जिला अस्पताल में कोई असर नहीं हो रहा है। अस्पताल परिसर में इमरजेंसी वार्ड के पास शौचालयों का दूषित जल बह रहा है। जलभराव और बड़ी-बड़ी झाड़ियों में मच्छरों की फौज पनप रही है। भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने मौजूद स्टाफ से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मौसम बदलने के साथ ही मच्छरों का डंक मारना शुरू हो चुका है। पिछले दिनों एडी हेल्थ ने मीटिंग कर मलेरिया विभाग समेत मंडल के स्वास्थ्य महकमे के सभी अधिकारियों को मलेरिया की रोकथाम के आदेश दिए हैं। पिछले वर्ष फेल्सीफेरम मलेरिया के आतंक के बाद इस बार मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं, लेकिन आदेश जिला अस्पताल में अप्रभावी हैं। पुराना शहर से आए तीमारदार जय किशन के मुताबिक, अस्पताल की दीवारों पर मलेरिया आदि से बचने के तमाम उपाय बताए गए हैं। उसी के पास जलभराव और बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हैं, जहां मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं। शाम से ही मच्छर काटने लगते हैं। स्टाफ से मच्छरों से बचाव के लिए साधन मांगा तो उन्होंने अनसुना कर दिया। बताया कि शेल्टर होम में भी असुविधाओं की भरमार है। पीने का शुद्ध पानी भी मुहैया नहीं हो रहा है। यही हाल अन्य भर्ती मरीजों के तीमारदारों का है।