बहेड़ी/टांडाछंगा। बईपुर गांव में हेपेटाइटिस सी से एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो जाने से दहशत फैल गई हैं। बईपुर गांव के पपिंदर सिंह (53) की करीब दस वर्ष से हेपेटाइटिस सी का इलाज चल रहा था। सेहत में गिरावट के बाद शुरू हुए इलाज में गंभीर बीमार का पता चला। बाद में उन्हें दिल्ली के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। उनके खानदार के भाई गुरदीप सिंह (65) भी कुछ साल पहले पंजाब से बईपुर गांव आकर रहने लगे थे। वह करीब पंद्रह सालों से इस रोग की चपेट में थे। उनका इलाज भी दिल्ली में इलाज चल रहा था। दोनों भाई साथ ही रहते थे। तीन दिन पहले पपिंदर सिंह की मौत हो गई। इसके कुछ घंटे बाद ही गुरदीप सिंह की भी मौत हो गई। गांव के मौजूदा प्रधान सर्वदयाल सिंह के दोनो म़ृतक चाचा व ताऊ लगते थे। उन्होंने बताया कि करीब आठ साल पहले उनके गांव में एक मौत और इसी रोग के चलते हो चुकी है। एक साथ दो मौतें होने से इलाके के ग्रामीण भी दहशत में हैं। इस मामले में जब एसीएमओ डॉ. केसी जोशी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इसका इलाज सरकारी अस्पतालों में नही है। इसके लिए बेहद सावधानी बरतनी होती है। इसके लक्षण प्रकट होते ही अच्छे चिकित्सक से सलाह लेकर ढंग से इलाज कराने की जरुरत होती है। यह एक दूसरे को फैलने वाला रोग भी है।