बरेली। फतेहगंज पश्चिमी के टोल प्लाजा पर लगे सीसी कैमरा में संदिग्ध बाइक नजर आने के बाद पुलिस मुरादाबाद के पास मुढ़ापांडे टोल प्लाजा पर लगे सीसी कैमरा के फुटेज को अपने कब्जे में लिया है। करीब ढाई घंटे की फुटेज देखने के बावजूद संदिग्ध बाइक और उसपर बैठे बदमाश नजर नहीं आए है। एसपी क्राइम रमेश भारतीय के मुताबिक फतेहगंज पश्चिमी पर नजर आई संदिग्ध बाइक पर बैठे लोगों का हुलिया भी बदमाशों से मैच नहीं करता हैं। इन हालात में फिलहाल पुलिस के हाथ खाली है। पुलिस यह कवायद बदमाशों के शहर में दाखिल होने की टाइमिंग को लेकर कर रही है। क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की टीमों को खासतौर पर सीसी कैमरा की फुटेज खंगालने के लिए लगाया गया है।
एनकाउंटर की जांच के बीच सम्मानित हुए अधिकारी
बरेली। अनूप अग्रवाल के स्टाफ के साथ हुई लाखों की लूट के बाद दो बदमाशों की मुठभेड़ में मौत के बाद व्यापारियों ने एडीजी प्रेम प्रकाश, एसएसपी मुनिराज जी. समेत पूरी एनकाउंटर टीम को सम्मानित किया। शनिवार को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने एसएसपी आवास पर एनकाउंटर टीम के सदस्य सीओ तृतीय अशोक कुमार मीना, कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल को बुके और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। एसएसपी मुनिराज जी. को मुठभेड़ के लिए बधाई देते हुए बुके भेंट किया। इसके बाद व्यापारी जोनल कार्यालय में पहुंचे। यहां एडीजी को बुके और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। एडीजी ने व्यापारियों से सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले जरूरी कदमों पर चर्चा की। उन्होंने जल्द एक जिलास्तरीय मीटिंग आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। इस मौके पर सराफा एसोसिएशन और व्यापारी नेता मौजूद रहे।
बंद नहीं थे बदमाशों के मोबाइल
छानबीन में सामने आया कि बदमाशों की जेब से बरामद उनके मोबाइल बंद नहीं मिले थे। दोनों के मोबाइल चलती हुई हालत में बरामद हुए थे। अगर बदमाश आपस में संपर्क स्थापित करते हुए चल रहे थे, तो पुलिस सभी के नंबरों तक पहुंच चुकी है। अब आगे की कड़ियों को जोड़ा जाना है।
मददगार और मुखबिर मिलाकर बड़ा था गिरोह
वहीं अब पुलिस बदमाशों की संख्या 5 या 6 से अधिक बता रही है। जांच में सामने आया कि स्थानीय मददगार, मुखबिरों ने बदमाशों की मदद की। जिन्हें पकड़ा नहीं जा सका है। जाहिर सी बात है कि इनकी संख्या आठ से ज्यादा की होगी। पुलिस का दावा है कि कुछ संदिग्ध नंबर, नाम और पते उनके पास है। खास बात यह है कि पुलिस दावा कर रही है कि ड्राइवर ने बदमाशों की संख्या छह बताई, जबकि विमल और कांता प्रसाद ने चार बदमाश ही देखे, जबकि पुलिस ने खुद बदमाशों की संख्या पांच घोषित है।
संभल पुलिस ने भेजे कपिल गिरोह के बदमाशों की लिस्ट
बरेली। एक अधिकारी ने बताया कि कपिल चौधरी पैरोल पर जेल से छूटकर बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद उसका बरेली में होना संदेह पैदा करता है। पुलिस छानबीन के संकेत हैं कि उसके गिरोह में एक राहुल नाम का व्यक्ति भी है। वहीं पुलिस अशोक सिंह को मास्टर माइंड के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है। बरेली की पुलिस ने संभल पुलिस से संपर्क करके कपिल के साथ काम करने वाले बदमाशों की जानकारी ली है। अब इसी जानकारी के आधार पर छानबीन आगे बढ़ाई जा रही है।