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Bareilly News: भूमिगत लाइनों पर 32 करोड़ खर्च, फिर भी झूल रहे तार

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बरेली। स्मार्ट सिटी में भूमिगत बिजली लाइनें बिछाने पर 32 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। दो महीने से लाइनें तैयार हैं पर नए मीटर लगाए जाने में देरी की वजह से अभी तक खुले तारों से आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में आंधी आने पर फॉल्ट व हादसों से बचने के लिए अभियंता आपूर्ति ठप कर देते हैं। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है।
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के 11 अवर अभियंताओं को दो हजार मीटर लगाने की जिम्मेदारी 10 अप्रैल को सौंपी गई थी। दस दिन में महज 500 मीटर लगे हैं। अभी 1500 मीटर लगाए जाने हैं और 12 प्रमुख मार्गों से खुले तार हटाए जाने हैं। इसमें कम से कम एक महीना लगेगा। रामपुर बाग, सिविल लाइंस, गांधी उद्यान, सर्किट हाउस इलाके समेत 12 प्रमुख मार्गों पर भूमिगत लाइनें बिछाने के लिए 52.5 करोड़ रुपये के टेंडर हुए थे। पांच निजी एजेंसियों को मई 2023 तक काम पूरा करना है।
नहीं चलेगी बहानेबाजी, काम में लाएं तेजी
कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मजदूर नहीं मिलने का बहाना बनाया तो मंडलायुक्त ने फटकार लगाई। कहा कि बहानेबाजी नहीं चलेगी। काम में तेजी लाएं। इस पर अभियंताओं व कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर काम जल्दी पूरा कराने का भरोसा दिया।
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इन मार्गों पर बिछी हैं भूमिगत बिजली लाइनें
पटेल चौकी से नावल्टी, पटेल चौक से चौपुला, पटेल चौक से चौकी चौराहा, चौकी चौराहा से गांधी उद्यान, गांधी उद्यान से मेंटल हॉस्पिटल, बियावानी कोठी से ईसाइयों की पुलिया, चौकी चौराहा से मुख्य डाकघर, चौकी चौराहा से जंक्शन, बरेली कॉलेज से चौकी चौराहा, कार बाजार मार्ग, श्यामगंज से सेटेलाइट पुल तक भूमिगत लाइनें बिछ गईं, लेकिन आपूर्ति खुली लाइनों से हो रही है।
कोट
पांच एजेंसियों को काम करना था। एजेंसियों ने काम तो कर दिया, लेकिन नए मीटर नहीं लगाए। नए मीटर खरीदने में कार्यदायी संस्थाओं ने देरी की। बिजली निगम की ओर से उपलब्ध कराए गए साधारण मीटरों के दम पर काम ने रफ्तार पकड़ी। इसे जल्दी पूरा कराने को कहा गया है। - विकास सिंघल, अधीक्षण अभियंता
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