कमिश्नर सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को बरेली विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक हुई। इसमें बीडीए का सीमा विस्तार किया गया और 31 नए गांवों को शामिल किया गया। इसमें बरेली तहसील के पांच, आंवला तहसील के 14 और फरीदपुर तहसील के 12 गांवों को शामिल किया गया है। बोर्ड बैठक में इन पर मुहर लग गई। इसके साथ ही अब प्राधिकरण की सीमा में 295 गांव शामिल हो गए हैं।
बरेली में 1858 में नगर पालिका की स्थापना हुई और 1978 में नगर महापालिका का दर्जा मिला। इसके बाद नगर के अनियोजित विकास को निश्चित दिशा देने के उद्देश्य से दिनांक 1971 को यहां उप्र रेगुलेशन्स ऑफ बिल्डिंग आपरेशन्स एक्ट 1958 के प्रावधनों को लागू करते हुए विनियमित क्षेत्र घोषित किया गया। 1977 बरेली विकास प्राधिकरण का गठन किया गया।
बीडीए क्षेत्र में 2031 तक 18 लाख हो सकती है जनसंख्या
शुक्रवार को हुई बैठक में विस्तार सीमा का प्रस्ताव रखते हुए बीडीए ने कहा कि इससे पहले 2008 में हुए सीमा विस्तार 66 गांवों को शामिल किया गया था। 2031 तक अनुमानित जनसंख्या बीडीए क्षेत्र में 18 लाख तक पहुंच सकती है। ऐसे में कई और विकास कार्यों की जरूरत पड़ेगी।
इस लिहाज से आसपास की तहसीलों के गांव और शामिल करने की जरूरत है। बीडीए के प्रस्ताव पर कमेटी ने मुहर लगा दी। बैठक में डीएम शिवाकांत द्विवेदी, नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स, बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह, सचिव योगेंद्र कुमार, एक्सईएन आशु मित्तल समेत अन्य मौजूद रहे।
विकास के नए रास्ते खुलेंगे
बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंद्र सिंह ने बताया कि गांवों के सीमा विस्तार पर बोर्ड बैठक में मंजूरी मिल गई है। बरेली के पांच, आंवला के 14 और फरीदपुर तहसील क्षेत्र के 12 गांवों को शामिल किया गया है। 2031 को ध्यान में रखते हुए यह सीमा विस्तार किया गया है। इससे इन क्षेत्रों के विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
आंकड़ों की नजर से
1858 में हुई थी नगर पालिका की स्थापना
1977 को बरेली विकास प्राधिकरण का गठन
1978 में नगर महापालिका का दर्जा मिला
295 गांव प्राधिकरण की सीमा में शामिल
बरेली के यह पांच गांव शामिल
लहवरी, भगवतीपुर, कमुआ कला, नरोत्तम नगला, भीकमपुर माफी को शामिल किया गया। इन गांवों की आबादी 2011 जनगणना के अनुसार करीब चार हजार है।
आंवला तहसील के 14 गांव किए गए शामिल
एहतमाली, मुस्तिकल, कोहनी परतापुर, मजनूपुर, भोजपुर, रफियाबाद, कैमुंआ, सरदार नगर, चाढ़पुर, आलमपुर जाफराबाद, नवदिया, बढ़रई कुईया, मिलक मंशारामपुर, वाहनपुर को शामिल किया गया। इनकी आबादी 2011 जनगणना के अनुसार करीब 27 हजार है।
फरीदपुर तहसील के 12 गांव तक विस्तार
दहलऊ, समोची, खमरिया, बाहनुपर, जेड़, मेगीनगला, गौसगंज सराय, नौगवां, उदयपुर मोहनलाल, सरायपट्टी, सरकड़ा, इनायतपुर को बीडीए की विस्तार सीमा में जोड़ा गया। इनकी आबादी 2011 जनगणना के अनुसार करीब 19 हजार है।
गंगा एक्सप्रेसवे, रिंग रोड से होगा कॉलानियों का विस्तार
बदायूं रोड का पहले से ही चौड़ीकरण हो रहा है। शाहजहांपुर से जोड़कर रिंग रोड के निर्माण के लिए गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इधर बदायूं से निकले गंगा एक्सप्रेस वे निकलने से वहां की कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी।
शहर में रामगंगा विकसित होने के बाद और शहर के अंदर के हिस्सों में पहले ही गेटबंद कॉलोनियां विकसित हो चुकी है। ऐसे में अब अधिकतर कॉलोनाइजर शहर के बाहर कॉलोनियां तैयार कर रहे है। बीडीए ने भी सीमा विस्तार उसी तरह से किया है। फरीदपुर, आंवला के सबसे अधिक गांव लिए गए हैं।