तब्लीगी जमात से लौटे लोगों ने पूरे देश में हलचल मचा रखी है। लखीमपुर खीरी में तीन जमातियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद और हड़कंप मच गया है। कुछ दिन पहले तक प्रदेश में 157 जमातियों के होने की बात कही जा रही थी। मगर अब शासन से जारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे प्रदेश में 1302 तब्लीगी जमाती ट्रेस किए गए हैं। बरेली जोन में ये आंकड़ा 148 जमातियों का है, लेकिन जोन कार्यालय से मिले अपडेट के मुताबिक, 221 जमाती सिर्फ बरेली और उसके आसपास के क्षेत्र के हैं। एडीजी के निर्देश पर बरेली जोन में छिपे जमातियों को ट्रेस किया जा रहा है।
तब्लीगी जमात के निजामुद्दीन मरकज में 15 से 18 मार्च के भीतर हुए जलसे में शामिल जमातियों से देशभर में बड़े पैमाने पर कोरोना संक्रमण फैल गया। इसके बाद से देशभर में हलचल मची हुई है। इन जमातियों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। अब शासन एसटीएफ के माध्यम से निजामुद्दीन इलाके में मरकज में हुए जलसे के वक्त वहां मौजूद रहे लोगों की लोकेशन ट्रेस करा रहा है। इसके लिए वहां के बीटीएस टावर की मदद ली जा रही है। कुल 19 हजार से ज्यादा नंबर अब तक ट्रेस किए गए हैं, जो उस वक्त निजामुद्दीन इलाके में एक्टिव थे। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने शनिवार को जो आंकड़े जारी किए उनके मुताबिक पूरे प्रदेश में 1302 तब्लीगी जमाती हैं। इनमें बरेली जोन में भी 148 जमाती चिह्नित हुए थे। एडीजी जोन कार्यालय में लगातार इस बारे में अपडेट मिल रहे हैं। रविवार तक मिली जानकारियों के अनुसार, बरेली और आसपास के क्षेत्र में करीब 221 तब्लीगी जमाती चिह्नित हुए हैं। इनमें बिजनौर, मुरादाबाद और बरेली के जमाती हैं। एडीजी के आदेश पर मस्जिदों व मदरसों में इनकी तलाश कराई जा रही है।
बदायूं और शाहजहांपुर में हड़कंप
बदायूं के सहसवान कस्बे की दो मस्जिदों में भी 22 बाहरी तब्लीगी जमाती मिले हैं। इनमें वडाला, तेलंगाना और बुलंदशहर के लोग हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये जमाती निजामुद्दीन मरकज से होकर लौटे थे और इस्लामिक प्रचार प्रसार करने सहसवान में आकर रुके थे। अब इन्हें क्वारंटीन किया गया है। हालांकि अभी तक बदायूं प्रशासन ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। शाहजहांपुर में निजामुद्दीन होकर लौटे थाईलैंड निवासी जमाती के पॉजिटिव मिलने के बाद हलचल बढ़ गई है। शाहजहांपुर में उसके रहने के दौरान संपर्क में आए लोगों की जांच की जा रही है।
निजामुद्दीन से लौटा बरेली का युवक मथुरा में मिला
दिल्ली निजामुद्दीन इलाके के बीटीएस टावर से जमात के दिनों में वहां सक्रिय मोबाइल नंबरों के जरिए निकाली जा रही लोकेशन में बरेली से जारी सिम नंबर मिलने से सनसनी फैल गई। जांच में नंबर कोतवाली के बिहारीपुर निवासी युवक का मिला। फिर तफ्तीश हुई कि कहीं हर्षित की आईडी पर किसी जमाती ने तो सिम नहीं निकलवा लिया। लोकेशन ट्रेस की तो वह मथुरा आई। लखनऊ एसटीएफ ने बरेली पुलिस से संपर्क किया तो पता लगा कि युवक कई साल पहले परिवार समेत मथुरा जाकर बस गया है। वह करीब पांच महीने से बरेली नहीं आया। जांच में पता लगा कि उन दिनों में वह किसी काम के सिलसिले में दिल्ली निजामुद्दीन इलाके में गया था। एहतियात के तौर पर उसे क्वारंटीन में रहने को कहा गया है।
होटल मैनेजर का भी आ गया नंबर
बारादरी क्षेत्र निवासी एक युवक दिल्ली में निजामुद्दीन इलाके के एक नामी होटल में मैनेजर है। उसका नंबर भी सूची में ट्रेस हो गया था। हालांकि वह लॉकडाउन से पहले ही बरेली में अपने घर आ गया था। नंबर के आधार पर बरेली क्राइम ब्रांच ने उसे ट्रेस किया तो पता लगा कि उसके होटल की मरकज से काफी दूरी है। युवक स्वस्थ है, इसकी रिपोर्ट भेज दी गई।
‘शासन से बरेली जोन के 148 जमातियों की सूचना जारी की गई है जिनकी लोकेशन उस वक्त निजामुद्दीन इलाके में आ रही थी। लगातार अपडेट आ रहे हैं। बरेली जिले में अभी किसी जमाती की लोकेशन नहीं मिली है, मगर नई लिस्ट में ये हो सकता है। दूसरे जिलों व शहरों की तब्लीगी जमातों से बरेली लौटे लोगों को प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की मदद से उनके घरों में ही क्वारंटीन करा दिया गया है।’
- अविनाश चंद्र, एडीजी बरेली जोन