बरेली। होली पर चार दिन में रोडवेज बसों से 2.10 लाख से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया। इससे रोडवेज को 1.50 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। रोडवेज होली के मद्देनजर लोकल समेत सात रूटों पर 640 बसों का संचालन कर रहा है। आमतौर पर बरेली, रुहेलखंड, बदायूं और पीलीभीत डिपो की लोकल समेत सात रूटों पर 523 बसों का संचालन किया जाता है। होली के मद्देनजर 117 अतिरिक्त बसों को लगाया गया है।
होली पर यात्रियों को समस्या न हो इसके लिए रोडवेज ने पहले से तैयारी की थी। मुख्यालय स्तर से 22 मार्च से एक अप्रैल तक सभी कर्मचारियों के अवकाश पर भी रोक लगा दी गई थी। यात्रियों का बसों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने के कारण लोकल रूटों पर ज्यादा समस्या रही। दरअसल, रोडवेज ने लोकल रूटों पर बसों की संख्या को जरूरत के अनुसार नहीं बढ़ाया था। बरेली-बीसलपुर, बरेली-फर्रुखाबाद, बरेली-बंडा, बरेली-फर्रुखाबाद रूटों पर यात्रियों को सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ा। सोमवार को दोपहर 12 बजे तक बसों का संचालन बंद रहा। इससे भी यात्रियों को समस्या हुई। सेटेलाइट और पुराना रोडवेज बस अड्डा पर यात्री भटकते नजर आए। यात्रियों को डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ा।
मंगलवार को बसों में अपेक्षाकृत भीड़ कम रही। सहायक संख्या अधिकारी राजेश पाठक ने बताया कि 22 से 25 मार्च तक रीजन की रोडवेज बसों में 2.10 लाख से ज्यादा यात्री यात्रा कर चुके हैं। होली के मद्देनजर एक अप्रैल तक सभी रूटों पर पर्याप्त बसों का संचालन किया जा रहा है। अगर कहीं पर कोई समस्या की शिकायत मिल रही है तो उसका निस्तारण किया जा रहा है। चार दिन में रोडवेज को करीब 1.50 करोड़ का राजस्व मिला है।