बरेली। श्री हरि मंदिर मॉडल टाउन में चल रही श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को कथाव्यास गौरदास महाराज ने भागवत के विभिन्न प्रसंगों को विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मनुष्य के रूप में आत्मा का अवतार होता है। इसलिए मानवों को पाप कर्म से बचते हुए सदैव सत्कर्मों की ओर मन को लगाना चाहिए। कहा, भावगत सुनने से व्यक्ति के पापों से मुक्ति मिलती है लेकिन भागवत कथा सुनने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मुक्ति मिलेगी यह निश्चित नहीं है। क्योंकि प्रभु की लीलाओं को निष्काम और निस्वार्थ भाव से श्रवण कर मन को भागवत में समर्पित करने वाले श्रद्धालु को ही प्रभु की कृपा से मुक्ति प्राप्त होती है। प्रसाद वितरण के साथ कथा का विश्राम हुआ। इस दौरान आयोजक मिथलेश गुप्ता समेत सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु मौजूद रहे।