बरेली। सुभाषनगर स्थित बाबा तपेश्वर नाथ मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन कथाव्यास पं. अतुलेश्वर ने श्रद्धालुओं को बताया कि अध्यात्म ही मनुष्य के विकास का मार्ग है, लेकिन वह दैनिक कार्यों में ऐसा उलझा कि इसे समय ही नहीं दे पा रहा, जो आगामी दिनों में विनाश का कारण बनेगा। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से कुछ समय ईश्वर के ध्यान में लगाने का सुझाव दिया। इसके बाद उन्होंने शुकदेव जी का भगवान भोलेनाथ से अद्भुत मिलन, राजा परीक्षित को श्राप, कलयुग का आगमन, नारद व्यास आदि संवादों का वर्णन किया।