बरेली। परिषदीय विद्यालयों में आठवीं तक के बच्चों को फेल न किए जाने की सरकार की योजना का फिलहाल दुरुपयोग हो रहा है। कई विद्यालयों में महज योजनाओं का लाभ लेने के लिए बच्चों को प्रवेश दिलाया गया है। विभाग की ओर से भी छात्र संख्या बढ़ाने का दबाव रहता है तो प्रधानाध्यापक ऐसे बच्चों को प्रवेश दे भी देते हैं। बाद में वे न तो एक दिन स्कूल आते हैं, न ही परीक्षा देते हैं। अब शासन की योजना के तहत उनको प्रोन्नत किया जाएगा।
केस-1
कंपोजिट विद्यालय मॉडल किशोर बाजार में 57 बच्चों ने इस वर्ष परीक्षा नहीं दी है। शिक्षक अरुणेश शर्मा का कहना है कि हर साल परीक्षाओं में कुछ बच्चे उपस्थित नहीं होते हैं, लेकिन विभाग के निर्देशानुसार उनको प्रोन्नत करना ही होता है। बाद में ऐसे ही बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता प्रभावित रहती है।
केस-2
उच्च प्राथमिक विद्यालय जखीरा में तैनात शिक्षिका शशि ने बताया कि इस साल 24 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा नहीं दी है। इन सभी को प्रोन्नत किया जाएगा। विभाग की ओर से आठवीं तक के सभी विद्यार्थियों को प्रोन्नत करने का निर्देश है। पिछले कई साल से लगातार ऐसा ही होता है।
केस-3
मॉडल कंपोजिट विद्यालय जसौली की प्रधानाध्यापिका पूनम गंगवार ने बताया कि 1245 में से महज 680 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। बाकी के 565 विद्यार्थियों ने परीक्षा नहीं दी है, लेकिन विभाग के निर्देशानुसार उन्हें प्रोन्नत किया जाएगा। बीते वर्ष भी परीक्षा नहीं देने वाले करीब छह सौ विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया गया था।
-
लगभग सभी विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। अगर कुछ विद्यालयों में ऐसा हुआ है तो पता कराया जाएगा। - विनय कुमार, बीएसए