- मोबाइल बंदकर भूमिगत हुए आरोपी, कई आरोपियों को उच्च न्यायालय से मिली जमानत
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। पीलीभीत बाइपास पर 22 जून को हुए गोलीकांड में पुलिस ने दोबारा कार्रवाई तेज कर दी है। पंकज यादव की गिरफ्तारी के बाद अब 25-25 हजार रुपये के चार इनामी पुलिस के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं। अभी इस मामले में 20 आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। मोबाइल बंदकर आरोपी भूमिगत हो गए हैं।
मामले में सिलिकन वैली होटल के मालिक चांद मियां, सचिन मौर्य, इरफान व रफत उर्फ बाबा पर काफी समय पहले एसएसपी 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर चुके हैं। पुलिस इनका गैरजमानती वारंट लेने की कोशिश भी कर चुकी है, पर कोर्ट ने गिरफ्तारी के और प्रयास करने का आदेश दिया था। बीते दो दिनों में इनके घरों व संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, पर ये नहीं मिल सके। बताया जा रहा है कि आरोपी शहर व आसपास ही हैं, पर मोबाइल बंद करके वक्त काट रहे हैं। पुलिस अब दोबारा इनके गैर जमानती वारंट लेने का प्रयास करेगी। इन पर इनाम बढ़ाने की सिफारिश भी की जा सकती है।
ये आए जेल से बाहर
जिला जेल में इस गोलीकांड के 33 आरोपी बंद हैं। इन सबकी जमानत स्थानीय सेशन कोर्ट से रद्द हो चुकी है। अब सभी ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगा रखी है। इनमें से राजीव राना के होटल में काम करने वाले एक कर्मचारी जमानत मंजूर होने के बाद जेल से बाहर आ गया है। इनके साथ ही हाईकोर्ट ने आरोपी गौरीशंकर, अनिल कुमार, राजन राना, हरिओम सिंह, संदेश और मनोज कटियार को सशर्त जमानत दे दी है। एक पक्ष के मुख्य आरोपी आदित्य उपाध्याय को भी जमानत मिल गई है। राजीव राना समेत कई आरोपियों की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में सुनवाई लंबित हैं। स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट तलब की जा रही है। अब तक 28 आरोपियों की जमानत संबंधी रिपोर्ट हाईकोर्ट भेजी जा चुकी है।
सब गिरफ्तार होंगे : एसएसपी
गोलीकांड के सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इनामियों को पकड़ने के साथ ही अन्य आरोपियों पर भी इनाम घोषित किया जाएगा। मुख्य आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई करके उनकी संपत्ति जब्त की जानी है। रासुका लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। - अनुराग आर्य, एसएसपी