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भंग का रंग- इतनी ठंडाई कहां से आई!

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बरेली। ऐसा पहली बार हुआ जब जगह-जगह ठंडाई बंटती नजर आई। सोमवार को आम दिनों की अपेक्षा भांग की बिक्री भी करीब 15 गुना ज्यादा हुई।
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ठंडाई के वितरण के लिए सड़कों के किनारे काउंटर लगे हुए थे। धोपेश्वरनाथ मंदिर के पुजारी पंडित हरीश उपाध्याय ने बताया कि सुबह से शाम तक नौ लोगों ने व्यक्तिगत तौर पर ठंडाई के वितरण की अनुमति लेने उनके पास पहुंचे। त्रिवटीनाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वरनाथ, वनखंडीनाथ और पशुपति नाथ मंदिर के बाहर भी ठंडाई के काउंटर लगे दिखाई दिए। अलखनाथ मंदिर में सुबह से शाम तक वितरण होता रहा। इसके अलावा सेटेलाइट, बड़ा हनुमान मंदिर, गांधी उद्यान के पास एक बेकरी की ओर से, श्यामगंज, सुभाषनगर समेत अन्य इलाकों में सड़कों के किनारे काउंटर लगाकर ठंडाई वितरण किया गया। भांग के लाइसेंस धारक रफीक और धर्मवीर जायसवाल ने बताया कि बरेली में भांग की बिक्री बेहद कम होती है। आमतौर पर शहर भर में बमुश्किल पांच से सात हजार रुपये तक की ही भांग बिक पाती है। पहली बार एक ही दिन में करीब डेढ़ लाख रुपये तक भांग की बिक्री हुई।
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