बरेली। राजेंद्र नगर स्थित बांके बिहारी मंदिर में चल रही राम कथा के पांचवें दिन कथाव्यास आशुतोष ने श्रद्धालुओं को राम जानकी विवाह की कथा सुनाई। कहा, सीता स्वयंवर में जब विभिन्न देशों से आए राजकुमार शिव धनुष को उठाने में असमर्थ हुए तब श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष उठाने खड़े हुए। सभी की निगाहें श्रीराम पर टिकीं थीं। जैसे ही श्रीराम ने शिव धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई धनुष बीच से टूट गया। इसकी जानकारी परशुराम को हुई तो वह स्वयंवर स्थल पहुंचे, जहां लक्ष्मण के साथ संवाद हुआ। कथा सुनकर श्रद्धालु जय श्रीराम और सीता राम के जयकारे लगाते रहे।