बरेली। व्यापार मंडल स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में प्रदेशभर के जिलों से गुजरी रथयात्रा के दौरान 17 हजार व्यापारियों ने समस्या और सुझाव दिए थे। व्यापारियों की ओर से सर्वाधिक उठाई गईं 10 समस्याएं और सुझावों को शासन के समक्ष रखकर निस्तारण की मांग की जाएगी।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय अधिवेशन और सम्मेलन में प्राप्त सुझाव भी इनमें शामिल किए जाएंगे। प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, मार्च 2023 में स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में दो चरणों में व्यापारी स्वाभिमान यात्रा प्रदेश के सभी जिलों से निकाली गई थी। इसमें व्यापारियों ने शासन के ध्यानार्थ अपने सुझाव और समस्याएं रखी थीं। करीब 1500 से ज्यादा प्रार्थनापत्र मिले थे। प्रत्येक प्रार्थना पत्र में कई-कई व्यापारियों के हस्ताक्षर थे।
प्रांतीय अधिवेशन के दौरान सभी प्रार्थनापत्रों को देखा गया। करीब 90 फीसदी पत्रों में सात बिंदु ही साझा हुए थे। अधिवेशन में तीन और मुद्दे जुड़े। कुल 10 सुझावों पर मंथन हुआ। शासन तक बात भी पहुंचा दी गई है। अब उच्चस्तरीय वार्ता की जाएगी।
दीपों की रोशन से रोशन होंगे बाजार
प्रांतीय सम्मेलन में व्यापारी कल्याण बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंघी और उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा के आह्वान पर अयोध्या में श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान प्रदेशभर के बाजार दीपों से रोशन होंगे। व्यापारी नेता राजेश जसोरिया ने बताया कि 22 जनवरी, 2024 को सभी व्यापारी अपने-अपने बाजार में प्राण प्रतिष्ठा के समय शंख, घंटा, घड़ियाल बजाकर शाम को खुशी के दीप जलाएंगे।
यह हैं 10 सुझाव व समस्याएं
- बाट-माप पर मोहर लगाने की अवधि पांच वर्ष होनी चाहिए।
- जीएसटी मिसमैच (2017-18) या आईटीसी के नाम पर उत्पीड़न बंद हो।
- व्यावसायिक, घरेलू बिजली कनेक्शन के नाम पर व्यापारी उत्पीड़न थमे।
- व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा लागू हो।
- व्यापारियों से संबंधित सरकारी विभागों, निगमों में व्यापारी प्रतिनिधि मनोनीत हों।
- बुजुर्ग व्यापारियों के लिए श्रम मानधन पेंशन योजना लागू की जाए।
- शिक्षक, स्नातक एमएलसी की तर्ज पर हो व्यापारियों का भी एमएलसी चुनाव हो।
- खाद्य सुरक्षा लाइसेंस आजीवन हो, मानकों का भी सरलीकरण हो।
- मंडी शुल्क समाप्त हो। खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 में संशोधन हो।
- संपत्ति विक्रय कर के मानक सरलीकरण हों।