बरेली। कोलकाता मामले को लेकर निजी चिकित्सक जहां सोमवार हड़ताल पर रहे, वहीं सरकारी डॉक्टरों ने बाह में काली पट्टी बांधकर काम किया। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सचिव डा. सौरभ का कहना है कि सबसे अधिक काम न करने का इल्जाम सरकारी डॉक्टरों पर लगाया जाता है, लेकिन सरकारी डाक्टरों ने सोमवार को ड्यूटी पर रह कर यह साबित कर दिया कि घटना को लेकर वह गुस्से में जरूर हैं, लेकिन मानव सेवा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल से लेकर सभी सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार किया। ब्यूरो