बरेली। पैसे के लेनदेन की रंजिश में की गई हत्या के चार आरोपियों को जिला जज अजय त्यागी ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
मृतक के भाई बहेड़ी मंडनपुर निवासी शहजाद खा ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसका भाई दानिश वली खां फर्नीचर बनाने का काम करता था। 22 अगस्त 07 को शाम के करीब 7 बजे छोटे भइया उर्फ मोहम्मद सगीर, उसका भाई मकसूद खां, फरमूद खां दानिश को घर से साथ ले गए, लेकिन वो घर नहीं लौटा। 2 अक्तूबर 07 को एक व्यक्ति फैजान ने बताया कि उसे छोटे भइया ने बताया कि दानिश अब जिंदा नहीं हैँ । उसकी लाश गन्ने के खेत में पड़ी है। घरवालों ने जाकर देखा तो लाश खेत में गड़ी मिली। विवेचना के दौरान एक और अभियुक्त वासिफ खां का नाम भी प्रकाश में आया। चारों अभियुक्त गण के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। अभियोजन की ओर से दस गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने पक्ष रखा। कोर्ट ने अभियुक्त छोटे भईया उर्फ मोहम्मद सगीर , मकसूद खां, वासिफ खां व फरमूद खां को उन पर लगे आरोपों से बरी कर दिया। ब्यूरो