बरेली। जिले की सेकेंड टॉपर हितांशी अपनी कामयाबी को अपनी मां की उम्मीद पूरी करने की कहानी बताती हैं। कहती हैं कि मां को पहले से उम्मीद थी कि वह टॉप करेंगी और उन्होंने इस उम्मीद को पूरा करने में जीजान लगा दी। रामवाटिका में रहने वाले अमित अग्रवाल और शिवानी की बेटी हितांशी के मुताबिक परीक्षा के दिनों में वह घर पर करीब छह घंटे तक पढ़ती थीं। सामान्य तौर पर भी कम से कम चार घंटे पढ़ाई जरूर करती थीं। परीक्षा की तैयारी शुरू की तो स्मार्ट फोन उठाकर एक तरफ रख दिया। दिमाग हल्का रखने के लिए कुछ समय बैडमिंटन खेलना शुरू किया। घर के कामों में मां की मदद करके भी पढ़ाई को बोरिंग होने से बचाया। हितांशी ने बताया कि फिजिक्स का पेपर टफ था, इसलिए उसमें कम मार्क्स रह गए। हालांकि काफी हद तक यह कमी फिजिकल एजुकेशन में 99 अंक मिलने से पूरी हो गई।