बरेली। प्लॉट की असली मालकिन से महिला का नाम मेल खाया तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर प्लॉट का बैनामा कर तीन लोगों से 1.37 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली। एसएसपी से शिकायत के बाद सुभाषनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
करगैना के लाल सिंह, बदायू रोड के धर्मेंद्र और बीडीए कॉलोनी के ईशान ने मिलकर कांधरपुर स्थित एक प्लॉट का सौदा 2.22 करोड़ रुपये में तय किया था। कांधरपुर निवासी राजपाल यादव ने अपने साथी विजनेश यादव, दानवीर यादव, राजेश, प्रदीप सिंह और जसविंदर कौर के साथ मिलकर यह प्लॉट दिखाया था। इन लोगों ने पीलीभीत के मझोला निवासी महिला को जसविंदर कौर बताते हुए उसे प्लॉट की मालकिन बताकर मिलवाया।
दिसंबर 2022 में राजपाल यादव के घर सभी लोगों के सामने मझोला निवासी जसविंदर कौर को 1.37 करोड़ रुपये दे दिए। इसके बाद रजिस्ट्री दफ्तर पर 85 लाख रुपये का चेक जसविंदर कौर और उसके साथियों को दिया। जसविंदर कौर ने अपना फोटो लगाकर बैनामा भी कर दिया। नए साल वाले दिन तीनों खरीदार प्लॉट पर कब्जा लेने पहुंचे तो पता चला कि असली मालकिन सिविल लाइंस निवासी जसविंदर कौर हैं।
तीनों खरीदारों को धोखाधड़ी का अहसास होने पर पता चला इन लोगों ने गिरोह बना रखा है। प्लॉट मालिक के नाम से मेल खाने पर ये लोग ऐसे ही फर्जी दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी करते हैं। लालसिंह, धर्मेंद्र और ईशान ने एसएसपी से शिकायत की तो सुभाषनगर थाने में मझोला निवासी जसविंदर कौर, राजपाल यादव, राजपाल की पत्नी, प्रदीप, राजेश, दानवीर और विजनेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।