बरेली। पीलीभीत बाइपास पर 22 जून को हुए गोलीकांड के 13 आरोपी जमानत पर छूट गए। वहीं, तीन इनामी बदमाशों सहित 18 आरोपियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार ही नहीं कर सकी। इज्जतनगर पुलिस की सुस्ती महकमे की किरकिरी की वजह बन रही है। अब अफसरों की फटकार के बाद पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि दूसरे ने बदायूं कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने शनिवार को डेलापीर निवासी शाहनवाज को हिरासत में ले लिया। हालांकि, पुलिस अभी इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। वहीं, एजाजनगर गौटिया निवासी 25 हजार के इनामी रफत उर्फ बाबा ने पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर बदायूं कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इस मामले में सिलिकन वैली होटल का मालिक चांद मियां, सचिन मौर्य, इरफान पर काफी समय पहले एसएसपी 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। ये तीनों अभी पकड़ से बाहर हैं। फरार 18 आरोपियों में से कुछ ने स्थानीय कोर्ट में सरेंडर के लिए अर्जी डाल रखी है। पुलिस ने गोलीकांड के 35 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
इन आरोपियों को मिली जमानत
फायरिंग कांड के मुख्य आरोपी राजीव राना, आदित्य उपाध्याय व संजय राना पहले ही बाहर आ चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक अब हरिओम सिंह, राधेश्याम, आशीष, राजन राना, गौरीशंकर, अर्जुन कश्यप, अनिल उर्फ सनी, संजीव, मनोज कटियार व संदेश को भी जमानत मिल गई है।
राधेश्याम के तबादले के बाद ढीली पड़ी कार्रवाई
गोलीकांड के बाद इज्जतनगर थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह को निलंबित किया गया था। एसएसपी अनुराग आर्य ने सीबीगंज इंस्पेक्टर रहे राधेश्याम को इज्जतनगर थाने की जिम्मेदारी दी तो ताबड़तोड़ मुठभेड़ व बुलडोजर कार्रवाई की गई। राधेश्याम के तबादले के बाद कार्रवाई ठंडी पड़ गई। एसएसपी ने आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने व रासुका लगाने के निर्देश दिए थे, पर थाना पुलिस ने ऐसी सुस्ती दिखाई कि न तो नए आरोपी पकड़े गए और न कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर पुलिस आरोपियों की जमानत अर्जी ही खारिज करा सकी।
गोलीकांड के सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्य आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर प्रशासन की मदद से उनकी संपत्ति जब्त की जानी है। रासुका को लेकर भी तैयारी चल रही है। - देवेंद्र कुमार, एएसपी