बरेली। दो सौ करोड़ की ठगी के मामले में आरोपी तीन लोगों की जमानत अर्जी जिला जज राजबीर सिंह खारिज कर दी। घटना की रिपोर्ट नौ जुलाई, 2018 को आठ लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि अभियुक्तगण श्रीगंगा इन्फ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रियल स्टेट का कारोबार करते हैं। अभियुक्त राजेश कुमार मौर्य इस कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर है और बाकी अभियुक्त उसके एजेंट के तौर पर काम करते थे। अभियुक्त राजेश ने शिकायतकर्ताओं से दो सौ करोड़ रुपये यह भरोसा दिलाकर ले लिए कि वह इस रकम को रियल इस्टेट के धंधे में लगाएगा। जिन लोगों से पैसा लिया उनको आश्वासन दिया कि वह इस पर काफी ज्यादा ब्याज देगा। एक साल बाद पैसा वापस कर देगा, लेकिन जब काफी समय तक ऐसा नहीं किया तो शिकायतकर्ता उसके कार्यालय पहुंचे। तब पता चला कि अभियुक्त कार्यालय बंद करके भाग गए हैं। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र वर्मा ने जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया। कोर्ट ने अभियुक्त संदीप, रामदेव प्रसाद मौर्य और रामकिशोर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।