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रेलवे को मालगाड़ियों की चिंता न कि एक्सप्रेस की

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एक्सप्रेस ट्रेनें रोककर गुजारी जा रही हैं मालगाड़ियां
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घंटों लेट हो रहीं एक्सप्रेस ट्रेनों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा
बरेली। मालगाड़ियों से रेलवे को ज्यादा फायदा होता है, यह बात दीगर है, लेकिन एक्सप्रेस ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों का संचालन किया जाना तो ठीक नहीं है। घंटों लेट चल रही ट्रेनों से यात्री पहले से ही परेशान हैं। इसके बाद जब मालगाड़ी पास कराने के लिए ट्रेन रोक दी जाती है तो उनका गुस्सा बढ़ जाता है। रेलवे को एक्सप्रेस ट्रेनों से ज्यादा मालगाड़ियों से फायदा होता है। बीते तीन साल से ट्रैक पर मालगाड़ियों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। पहले एक्सप्रेस ट्रेनों को गुजारने के बाद ही मालगाड़ियों को गुजारा जाता था, लेकिन अब एक महीने से स्थिति विपरीत हैं। रूटीन की एक्सप्रेस ट्रेनें घंटों लेट चल रही हैं। इसके बाद ट्रेनों को रसुइया, कैंट, धनेटा, परसाखेड़ा, नगरिया सादात स्टेशनों पर रोककर मालगाड़ियों को गुजार दिया जाता है। यह ट्रेनें जंक्शन से रन थ्रू गुजरतीं हैं तो घंटाें से ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री मालगाड़ियों को पास होते देखकर मन मसोसकर रह जाते हैं। शनिवार को मुरादाबाद दिशा की ओर जाने वाली देहरादून एक्सप्रेस चार घंटे, हिमगिरि एक्सप्रेस छह, दिल्ली समर स्पेशल 17 घंटे, सरयू यमुना 15, गुवाहाटी एक्सप्रेस साढ़े नौ, उपासना एक्सप्रेस 14 घंटे देरी से जंक्शन पहुंची। शाहजहांपुर दिशा की ओर जाने वाली कटिहार सीतापुर स्पेशल छह घंटे, अमरनाथ एक्सप्रेस 7.40 घंटे, बरेली वाराणसी एक्सप्रेस पांच घंटे और सियालदा एक्सप्रेस छह घंटे देरी से जंक्शन पर आई।
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