बरेली। सप्ताह भर तक चली नगर निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में हर दिन छह सौ से ज्यादा नामांकन पत्रों की बिक्री हुई, लेकिन चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही तमाम उम्मीदवारों के कदम थम गए। इसकी पुष्टि बिक्री और दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की संख्या कर रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो 3908 नामांकनपत्र बिके थे और दाखिल 2701 पर्चे हुए। 1207 नामांकन पत्र दाखिल ही नहीं किए गए।
निकाय चुनाव के लिए बरेली दूसरे चरण में दर्ज है। 17 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी। 24 मार्च तक 3908 नामांकनपत्रों की बिक्री हुई। इसी दौरान पर्चे दाखिल करने के लिए भी उम्मीदवार पहुंचते रहे। जानकारों के मुताबिक मेयर, अध्यक्ष, पार्षद और सदस्य पद के लिए तमाम लोग बढ़ चढ़कर पर्चा खरीदते हैं, लेकिन दाखिल करने तक उनका जोश कम होता जाता है। कुछ टिकट की जुगत में भी रहते हैं। उनकी उम्मीद टूटने के बाद वे पर्चा दाखिल कर किसी के विरोधी बनने के बजाय मजबूत उम्मीदवार के समर्थक बन जाते हैं। तो कई ऐसे भी होते हैं जो बतौर डमी उम्मीदवार पर्चा भरते हैं। इस दौरान वे दो या तीन नामांकन पर्चा लेते हैं मगर जमा सिर्फ एक ही करते हैं। वहीं, कुछ लोगों की ओर से पर्चे भरने के दौरान अधूरी जानकारी दर्ज होने से या किसी खामी की वजह से भी वह दाखिल नहीं करते हैं।
नगर निगम मेयर पद के लिए 40 नामांकन पर्चों की बिक्री हुई थी मगर दाखिल 21 पर्चे ही किए गए। इसी तरह पार्षद पद के लिए 907 नामांकन पत्र बिके थे मगर दाखिल 568 पर्चे ही किए गए। पर्चा दाखिल करने से कदम खींचने वालों में सर्वाधिक 339 पर्चे पार्षदी के ही हैं।