बरेली। परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने आदेश दिया था कि 25 से कम सवारियां होने पर बस को रूट पर न भेजा जाए। कम सवारियां होने पर उनको दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया जाए। कोहरे के दौरान सुरक्षित यात्रा के लिए बसों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने और रात्रिकालीन सेवाओं में कटौती के निर्देश भी परिवहन मंत्री ने पिछले सप्ताह दिए थे, लेकिन अधिकारी परिवहन मंत्री के आदेशों को नजरअंदाज कर रहे है। प्रदेशभर में हुए सर्वे में बरेली रीजन में 120 बसें 25 से कम सवारियों के साथ पकड़ी गई। इस मामले में आरएम को नोटिस दिया गया है।
परिवहन मंत्री के आदेश पर प्रधान प्रबंधक संचालन मनोज कुमार पुंडीर ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को प्रदेशभर में सर्वे कराया तो बरेली रीजन की स्थिति खराब पाई गई। बरेली रीजन की 137 बसों की जांच की गई। इनमें 120 बसों में 25 से कम सवारियां मिलीं। इससे निगम को घाटा हो रहा है। मुरादाबाद में भी यही स्थिति पाई गई। वहां 242 बसों के निरीक्षण में 119 बसों में 25 से कम सवारियां मिलीं। आदेशों का पालन न करने और 25 से कम सवारियों के साथ बसों को रूट पर भेजकर निगम को घाटा पहुंचाने के मामले में बरेली और मुरादाबाद के आरएम को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण के बाद आरएम के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरएम से स्पष्टीकरण तलब किए जाने के बाद सेटेलाइट और पुराना बस अड्डा पर इसका असर भी दिखने लगा है।
चालक-परिचालकों पर लोड फैक्टर की दबाव
- रोडवेज के चालक-परिचालकों पर लोड फैक्टर का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 25 से कम सवारियों मिलने पर चालक पर जुर्माना लगाया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों में रोष है। चालकों का कहना है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। बस अड्डों के आसपास से होने वाली डग्गामारी के कारण भी बसों का लोड फैक्टर गिर रहा है। डग्गामार वाहनों पर अंकुश के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।