शनिवार तड़के पीलीभीत बाईपास पर जमीन कब्जे के विवाद में दोनों ओर से की गई फायरिंग में गिरफ्तार टाइल्स व्यापारी पिता-पुत्र के चौकीदार की ओर से शाम को रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसमें पूर्व विधायक भाजपा नेता पप्पू भरतौल व राजीव राणा समेत 12 लोग नामजद और 150 अज्ञात को शामिल किया गया है।
आदित्य के चौकीदार रोहित शर्मा ने रिपोर्ट कराई है कि सुबह साढ़े छह बजे वह दुकान पर बैठा था। वहां पिस्टल व तमंचे लेकर राजीव राणा, हरिओम, गौरीशंकर, संजय, राधे, आशीष, राजन, रोहित ठाकुर, केपी यादव, शिवम माथुर, राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल, राधे व 150 अन्य लोग आ धमके। इन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। उन्हें पीटकर दुकान से दो लाख रुपये व मोबाइल लूट लिए।
उनकी सूचना पर पहुंचे अभिराज उपाध्याय व आदित्य उपाध्याय की भी इन लोगों ने पिटाई लगाई। आदित्य ने इन लोगों को खदेड़ने की कोशिश की तो ये लोग अभिराज को तेल डालकर जिंदा जलाने लगे। अभिराज ने किसी तरह भागकर जान बचाई। इन लोगों ने मौके पर पड़ी मार्बल तोड़ दी और जेसीबी व दुकान को आग लगाने लगे। पुलिस के आने पर यह लोग जान से मारने की धमकी देकर भाग खड़े हुए।
मैं वृंदावन में हूं, ये विरोधियों की साजिश
पूर्व विधायक पप्पू भरतौल ने अपनी नामजदगी को लेकर सफाई दी। अमर उजाला को उन्होंने बताया कि वह शुक्रवार शाम ही बरेली से वृंदावन चले आए थे। यहां से उन्हें उज्जैन में महाकाल के दर्शन को जाना है।
बताया कि राजेश राणा की कार का नंबर उनकी कार के नंबर से मिलता हुआ है, इसलिए लोग मानते हैं कि राजेश से उनका जुड़ाव है। पप्पू भरतौल का कहना है कि किसी भी पक्ष से उनका कोई लेनादेना नहीं है। उनके विरोधियों ने एक पक्ष को उकसाकर रिपोर्ट लिखा दी है, जांच में सब साफ हो जाएगा।