बरेली। डिफेंस कॉलोनी स्थित शिव पार्वती मंदिर में चल रही शिव महापुराण के पांचवें दिन वृंदावन से आए कथाव्यास राम लोचन ने कार्तिक जन्म की कथा सुनाई। बताया कि जब तारकासुर का जन्म हुआ तो उसने ब्रह्मा से भगवान शिव के पुत्र से मृत्यु का वर मांगा। इसके बाद देवता भगवान शिव के पास पहुंचे। उन्होंने असमर्थता जताई तो वे भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर प्रभु को रिझाने लगे जिसके बाद शिव का एक अंश गंगा नदी में गिरा और मां गंगा को पुत्र उत्पन्न हुआ। उन्होंने पुत्र को छह ऋषि पत्नियों को प्रदान कर देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी। छह माताओं के दूध को पीने के लिए बालक ने छह सिर धारण किए। इसके बाद छह मुख वाले बालक को कार्तिक भगवान नाम दिया गया। प्रसाद वितरण से कथा का विश्राम हुआ। यहां इंद्रभान सक्सेना, अचल सक्सेना और उनकी माता राम की बेटी मौजूद रहे।