बरेली। जनकपुरी स्थित श्री शिव शक्ति मंदिर में चल रहे वार्षिकोत्सव के पांचवें दिन पठानकोट से आए कथा व्यास अतुल कृष्ण शास्त्री ने निष्काम भाव से सेवा करने का संदेश श्रद्धालुओं को दिया। कहा, निष्काम भाव से की गई सेवा व्यक्ति की तमाम विपत्तियों का नाश कर परम कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। बताया कि सेवा के चार रूपों में भगवत सेवा, संत सेवा, गौ सेवा, दीन-हीन असहाय प्राणियों की सेवा शामिल है। उन्होंने मान-अभिमान और अपने कर्तापन के भाव से मुक्त हो कर ही सेवा करने का सुझाव दिया। कथा के बाद उन्होंने ‘यही हसरतें तलब है यही आरज़ू है दिल में’, ‘न हटेंगी ये निगाहें तेरे रूख से’ सुमधुर भजन सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया। प्रसाद वितरण कर कथा का विश्राम हुआ। आयोजन में राम सेठी, जगदीश भाटिया, जितेंद्र साहनी, अवधेश और हरीश सिधवनी का विशेष सहयोग रहा।