बरेली। कंधे पर गांठ का इलाज कराने जिला अस्पताल आए मरीज को डॉक्टर ने कैंसर बताकर किसी हायर सेंटर से बायोप्सी कराकर लाने को कहा। जबकि बायोप्सी की सुविधा यहां भी उपलब्ध है। सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता ने जानकारी मिलते ही डॉक्टर से जवाब तलब किया तो उन्होंने इलाज करने से ही इंकार कर दिया। ऐसे ही पहले भी इन्हीं डॉक्टर ने एक मरीज को उसकी पल्स न चलने की बात कह दी थी। तब भी सीएमएस तक मामला पहुंचा था। डॉक्टर के मुताबिक यह केस उनका नहीं है। मंत्रियों के दवाब में सिर्फ यह नहीं और भी केस उनके पास भेजे जाते हैं। बारादरी निवासी व्यक्ति अपने 13 वर्षीय बेटे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था। व्यक्ति ने बताया कि पिछले तीन दिनों से वह वहां जा रहा है। रोजाना डॉक्टर एक गोली लिखकर दे देते हैं। शनिवार को डॉक्टर ने बिना किसी जांच के उसे कैंसर बता दिया। पिता सीएमएस से मिलकर डॉक्टर के पास पहुंचे तो पर्चे पर उनके हस्ताक्षर देखकर डॉक्टर भड़क गए। इसके बाद लखनऊ के मेडिकल कॉलेज से जांच कराकर लाने को लिख दिया।