बैंक छोटे कारोबारियों को मुद्रा योजना के तहत कर्ज देने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा समिति की बैठक में सीडीओ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बैंक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बुधवार को विकास भवन सभागार में हुई मीटिंग में सीडीओ सत्येंद्र कुमार को बैंक अधिकारियों ने बताया कि मुद्रा लोन योजना में अब तक 15500 लोगों को 215 करोड़ के ऋण दिए गए हैं। सीडीओ ने इसे बढ़ाने पर जोर दिया। ग्रामीण क्षेत्र की प्रत्येक बैंक हफ्ते में एक बार कैंप लगाए। इसमें लोगों को ऋण, वित्तीय साक्षरता आदि के बारे में जानकारी दी जाए। सीडीओ ने फसल बीमा पर जोर देते हुए कहा कि खरीफ फसल की बुवाई हो रही है। ऋण लेने वाले सभी किसानों का बीमा अनिवार्य रूप से कराया जाए। बैंक अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष अल्पसंख्यक वर्ग के किसानों को 2119 करोड़ और आर्थिक तौर से कमजोर किसानों को 2653 करोड़ का ऋण बांटा जा चुका है। यह आरबीआई के मानकों का करीब तीन गुना है।