बरेली। एसआरएमएस में रविवार को इंफर्टिलिटी समिट 2019 का आयोजन हुआ। इसमें बरेली आब्सटेट्रिक एंड गायनोकोलॉजिकल सोसायटी और इंडियन फर्टिलिटी सोसायटी पश्चिमी उप्र के सहयोगी शामिल रहे। कांफ्रेंस में प्रसूति रोग विभाग के एचओडी डॉ. जेके गोयल ने कहा कि बांझपन के निदान के लिए डॉक्टरों को नई तकनीक से रूबरू होना जरूरी है। संस्थान के चेयरमैन देवमूर्ति ने आम जन तक चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए ऐसे आयोजन कराने की बात कही। यहां लखनऊ की डॉ. मोनिका अग्रवाल, नई दिल्ली की डॉ. लीना वाधवा, डॉ. रूपाली वसी, वाराणसी से डॉ. रितु खन्ना, दिल्ली के डॉ. पंकज तलवार, केजीएमयू के डॉ. एसपी जयसवार, डॉ. पंकज तलवार, डॉ. रितु खन्ना आदि चिकित्सकों ने बांझपन के निदान पर अपने विचार रखे।