बरेली। दरगाह पर संदिग्ध युवकों के घूमने की जानकारी किसी छात्र ने मौलाना तसलीम रजा खां कादरी को दी थी। मौलाना तसलीम रजा ने बाहर आकर उन युवकों को बुलवाकर पूछताछ की तो उन्होंने खुद को देवबंदी मदरसे का छात्र बताया। मौलाना तसलीम रजा के मुताबिक उन्होंने जब सिलसिले से मुताल्लिक कुछ सवाल किए तो वे युवक आला हजरत की विचारधारा के खिलाफ बोले। इसी पर उन्हें शक हुआ और उन्होंने पुलिस बुलाकर उन्हें उसके हवाले कर दिया।