अगले 40 वर्षों की जरूरत के अनुरूप बरेली जंक्शन की तस्वीर बदलेगी। सौ करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर लिफ्ट, एस्केलेटर (स्वचालित सीढि़यां) और अन्य यात्री सुविधाओं से युक्त नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। पुराने प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने के साथ ही वहां भी अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। एक से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाना आसान होगा। सर्कुलेटिंग एरिया के साथ ही जंक्शन पहुंचने के रास्तों को भी संवारा जाएगा। यात्रियों को जंक्शन पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
निजी एजेंसी और रेलवे के अधिकारी मिलकर अगले 40 वर्षों की जरूरत का आकलन कर रहे हैं। ट्रेनों और यात्रियों की संख्या में होने वाली अनुमानित बढ़ोतरी के अनुसार सुविधाएं विकसित की जाएंगी। निजी एजेंसी के विशेषज्ञ बरेली पहुंच चुके हैं। वे जंक्शन को नए सिरे से डिजाइन करने की तैयारी कर रहे हैं। टीम ने बरेली की भौगोलिक स्थिति और स्टेशन तक आने-जाने के रास्तों को देखकर प्राथमिक आकलन किया है। सर्वेक्षण अभी जारी है।
ये कार्य प्रस्तावित
नए प्लेटफॉर्म के निर्माण के साथ ही मौजूदा प्लेटफॉर्मों का नवीनीकरण, लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा, मल्टी स्टोरी पार्किंग, प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार, बदायूं रोड से जंक्शन की कनेक्टिविटी, जंक्शन पहुंचने वाली सड़कों का नगर निगम की ओर से नवीनीकरण।
मुरादाबाद के सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह ने बताया कि जंक्शन को विकसित करने की योजना है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए निजी एजेंसी के जरिये सर्वे कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में बरेली जंक्शन की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।