देवा (बाराबंकी)। हाजीहार गांव में बुधवार को मेंथा का तेल निकालते वक्त टंकी में विस्फोट के बाद गंभीर रूप से झुलसे पांच लोगों में से दो की हालत गंभीर है। इस घटना के बाद से दोनों घरों में चूल्हा नहीं जला। परिजन व रिश्तेदार लखनऊ में ही मौजूद हैं।
हाजीहार गांव निवासी राममिलन यादव के खेत के किनारे स्थापित मेंथा टंकी तेल उतारने समय फट गई थी। घटना में राममिलन के पुत्र सत्यम (14), धर्मेंद्र (24), पुत्री नेहा (22) और गांव के ही पवन की पत्नी रुक्मिणी (40) व पुत्री रिमझिम (12) खौलते पानी और गर्म पदार्थ की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए।
सभी को गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल भेजा गया था। परिजनों के मुताबिक सिविल अस्पताल से केजीएमयू के ट्राॅमा सेंटर रेफर की गई नेहा व रिमझिम की हालत नाजुक बनी हुई है। अन्य तीनों की हालत में पहले से सुधार है। देवा के एसएचओ आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता लगा कि टंकी के अंदर भाप का अत्याधिक दबाव के कारण विस्फोट हुआ।
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पाइप पत्तियां फंसने पर फट जाती हैं कमजोर टंकी
तेल निकालने के दौरान जब भाप निकालने वाली पाइप में मेंथा की पत्तियां फंस जाती हैं, तो गैस का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है। कमजोर व जर्जर होने के अलावा किसानों को तकनीकी समझ न होने के कारण यह टंकियां फट जाती हैं। किसानों को चाहिए कि वह टंकियों में प्रेशर गेज और सेफ्टी वाॅल्व जरूर लगवाएं। साथ ही, पेराई शुरू करने से पहले पाइपों की अच्छे से सफाई करें ताकि ब्लॉक न हो और बड़े हादसों को रोका जा सके।